एकादशी व्रत कथा

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2020/07/23

कामिका एकादशी व्रत कथा | Kamika Ekadashi Vrat Katha

  पं. शम्भू झा       2020/07/23
Kamika Ekadashi Vrat Katha

कामिका एकादशी व्रत कथा: ब्रह्मवैर्वत पुराणमें युधिष्ठिर महाराज और भगवान् श्रीकृष्ण के संवाद में "कामिका एकादशी" (Kamika Ekadashi Vrat Katha) का महात्म्य वर्णित है। 

युधिष्ठिर महाराज ने कहा, “हे भगवान् ! आपसे मैने देवशयनी एकादशी के बारे में सुना। कृपया आप श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आनेवाली एकादशी का वर्णन करे।"

भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा, "हे राजन! ध्यानसे सुनिए ! बहुत पहले नारदजी ने यही प्रश्न ब्रह्माजी को पूछा था। इस तिथि को किस की और कैसी उपासना करनी चाहिए इस बारे में भी पूछा था।"

जगद्गुरु ब्रह्माजी ने तभी कहा, “इस एकादशी को ‘कामिका' कहा जाता है। कामिका एकादशी व्रत कथा के महात्म्य को श्रवण करने से 'वाजपेय' यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। इस तिथि को शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण करने वाले भगवान् विष्णु की पूजा करनी चाहिये।

इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से पवित्र तीर्थस्नान जैसे की गंगा, काशी, नैमिशारण्य, पुष्कर जैसे पवित्र स्थानों पर स्नान करने का पुण्य प्राप्त होता है। सूर्यग्रहण के समय केदारनाथ अथवा कुरुक्षेत्र में स्नान करने वाले पुण्य से हजारों गुना अधिक पुण्य केवल कामिका एकादशी को विष्णुकी पूजा करने से मिलता है।"

जिस प्रकार कमल को पानी स्पर्श नही कर सकता, उसी प्रकार कामिका एकादशी करनेवाले को पाप स्पर्श नही कर सकता। जो कोई भी तुलसीपत्र से भगवान् हरि की उपासना करता है, वह सभी पापों से मुक्त होता है। तुलसी के केवल दर्शन मात्र से सभी पाप नष्ट हो जाते है। तुलसी देवी को स्पर्श करने से हम पावन बन जाते है। उसकी प्रार्थना करने से व्यक्ति रोगमुक्त हो जाता है और उसे स्नान कराने से यमराज का मुख देखना असंभव है तथा उनका डर नही रहता।

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तुलसी रोपन करने से भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का भाग्य प्राप्त होता है और उनके चरणकमलों पर तुलसी अर्पण करने से भक्ति प्राप्त होती है। एकादशी के दिन तुलसी महारानी को घी का दीपक और प्रणाम अर्पण करनेसे उससे प्राप्त होनेवाले पुण्य का हिसाब करने के लिए चित्रगुप्त भी असमर्थ है।

इस व्रत को करने से भ्रूणहत्या तथा ब्रह्महत्या जैसे महापातक से भी मुक्ति मिलती है । इस कामिका एकादशी व्रत कथा (Kamika Ekadashi Vrat Katha) महात्म्य का श्रद्धा से जो भी श्रवण अथवा कथन करेगा उसे वैकुंठ प्राप्ति होती है ।
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